Delhi Red Fort Blast
Delhi Red Fort Blast: दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार विस्फोट की जांच अब NIA करेगी। गृह मंत्रालय ने जांच का जिम्मा सौंपा। विस्फोट में 10 की मौत, फरीदाबाद मॉड्यूल से संबंध की जांच। दिल्ली में हाई अलर्ट जारी।
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार शाम लाल किले के पास हुई कार विस्फोट की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए जांच की जिम्मेदारी NIA को सौंपी है। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई थी, जिसमें दिल्ली पुलिस, एनआईए और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के शीर्ष अधिकारियों ने हिस्सा लिया। गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि इस विस्फोट के तार कई राज्यों से जुड़े होने की संभावना जताई जा रही है।
बैठक में गृह सचिव गोविंद मोहन, आईबी प्रमुख तपन डेका, दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा और एनआईए महानिदेशक सदानंद वसंत दाते मौजूद थे। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात ने डिजिटल माध्यम से बैठक में भाग लिया। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और विस्फोटक अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। जांच एजेंसियां वर्तमान में घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को एकत्र कर रही हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विस्फोट में प्रयुक्त कार के चालक का फरीदाबाद के आतंकी मॉड्यूल से संबंध था।
सूत्रों ने बताया कि फरीदाबाद में हाल ही में भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी, जिसमें करीब 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट शामिल था। आशंका जताई जा रही है कि दिल्ली ब्लास्ट में भी अमोनियम नाइट्रेट, ईंधन तेल और डेटोनेटर का इस्तेमाल किया गया था। इस विस्फोट में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 24 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। हादसा उस वक्त हुआ जब एक हुंडई i20 कार लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास ट्रैफिक सिग्नल पर रुकी हुई थी। विस्फोट के बाद आसपास खड़ी कई गाड़ियों में आग लग गई।
पुलिस को घटना स्थल के सीसीटीवी फुटेज में कार चालक की पहली तस्वीर मिली है, जो कथित रूप से पुलवामा निवासी डॉक्टर उमर मोहम्मद बताया जा रहा है। फिलहाल दिल्ली को हाई अलर्ट पर रखा गया है। हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। NIA जल्द ही इस मामले की विस्तृत जांच शुरू करेगी ताकि विस्फोट के पीछे की साजिश और इसमें शामिल नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
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