PM Narendra Modi in Gaya Rally
PM Modi’s Gaya Rally: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के गया में रैली कर 13,000 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास, नई ट्रेनों की शुरुआत और आवास योजना के लाभार्थियों को चाबी सौंपी। भाषण में लालू-राज, कांग्रेस, भ्रष्टाचार और अवैध प्रवासियों पर कड़ा प्रहार किया।
बिहार विधानसभा चुनावी सरगर्मियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गया (गयाजी) की धरती से अपनी राजनीतिक मुहिम का बिगुल फूंकते हुए कई विकास योजनाओं का उद्घाटन किया और विपक्ष पर तीखे हमले बोले। यह रैली केवल चुनावी माहौल को गरमाने भर की नहीं थी, बल्कि इसमें विकास, सांस्कृतिक पहचान, राष्ट्रीय सुरक्षा और जनसांख्यिकी परिवर्तन जैसे बड़े मुद्दे गूंजते रहे।
विकास की सौगात: रेल, सड़क और आवास योजनाएं
प्रधानमंत्री मोदी ने गया दौरे की शुरुआत दो नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर की। इनमें गया से दिल्ली के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस और वैशाली से कोडरमा के बीच बौद्ध सर्किट ट्रेन शामिल है। उनका दावा था कि ये ट्रेनें न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएंगी, बल्कि बौद्ध स्थलों पर पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को भी गति देंगी।
इसके अलावा पीएम ने करीब 13,000 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया, जिसमें बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, शहरी विकास और जल आपूर्ति से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 12,000 ग्रामीण लाभार्थियों को घर उपलब्ध कराए जाने और 4,260 शहरी परिवारों को गृह प्रवेश के अवसर पर चाबी सौंपने का भी ऐलान हुआ।
ऐतिहासिक विरासत और राष्ट्रीय संकल्प
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को याद करते हुए कहा कि यह धरती चाणक्य और चंद्रगुप्त मौर्य जैसे महान विचारकों और शासकों की भूमि है। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ अपने संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि जब पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था, तब उन्होंने इसी धरती से आतंकवादियों को समाप्त करने का प्रण लिया था, जिसे दुनिया ने साकार होते देखा।
विपक्ष पर सीधा हमला
मोदी ने मंच से लालू परिवार और कांग्रेस दोनों को कठघरे में खड़ा किया।
- लालू राज पर हमला: उन्होंने कहा कि “लालटेन राज” के दौरान बिहार नक्सलवाद और अंधेरे में डूबा हुआ था। शिक्षा और रोजगार की कमी ने लाखों युवाओं को पलायन के लिए मजबूर किया।
- कांग्रेस पर निशाना: उन्होंने कांग्रेस पर बिहारियों के प्रति “भेदभाव और अपमान” का आरोप लगाया। मोदी ने कहा कि एक कांग्रेस मुख्यमंत्री ने कहा था कि वह बिहारियों को अपने राज्य में प्रवेश नहीं करने देंगे।
भ्रष्टाचार और जेल से सत्ता चलाने पर तंज
प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि “अगर कोई छोटा कर्मचारी 50 घंटे जेल चला जाए तो नौकरी छिन जाती है, लेकिन मुख्यमंत्री और मंत्री जेल से सरकार चलाते रहते हैं।” मोदी ने इसे लोकतंत्र और प्रशासन के लिए खतरनाक बताया और कहा कि एनडीए सरकार ने भ्रष्टाचार विरोधी कानून लाकर सभी को इसके दायरे में लाने का काम किया है।
अवैध प्रवासियों और जनसांख्यिकी मिशन पर सख्त रुख
मोदी ने रैली में अवैध प्रवासियों के मुद्दे को प्रमुखता दी। उन्होंने कहा कि बिहार के सीमावर्ती इलाकों में जनसांख्यिकी तेजी से बदल रही है, जो गंभीर चिंता का विषय है। पीएम ने ऐलान किया कि “जनसांख्यिकी मिशन” जल्द शुरू होगा, जिसके तहत अवैध प्रवासियों को देश से बाहर किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और राजद तुष्टीकरण की राजनीति कर वोट बैंक बढ़ाने के लिए बिहारियों के अधिकार छीन रहे हैं।
राजनीतिक महत्व
यह रैली केवल विकास योजनाओं के उद्घाटन तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसे चुनावी रणनीति का केंद्र बिंदु माना जा रहा है। मोदी ने जहां बिहार को विकास की सौगात दी, वहीं विपक्ष पर तीखे हमले कर अपने समर्थकों को साधने का भी प्रयास किया।
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